बीकानेर: नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले ने सियासी तूल पकड़ा

बीकानेर: नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले ने सियासी तूल पकड़ा

Bikaner: Rape and murder of a minor student

Bikaner: Rape and murder of a minor student

जयपुर/बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर जिले के रणजीतपुरा में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर सोमवार को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला। जूली ने बीकानेर की घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था पर 'काला धब्बा'बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को 'कमजोर' करार दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
 

विधानसभा में टीकाराम जूली के कड़े तेवर

सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के 'सुशासन' के दावों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने कहा कि बीकानेर की घटना सरकार की विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। 4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री अपने विभाग पर नियंत्रण खो चुके हैं।

जूली बोले- भजनलाल सरकार में 11000 महिलाओं से बलात्कार

इस दौरान जूली ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि-

भजनलाल सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक प्रदेश में 11 हजार से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार हो चुका है। राजस्थान में औसतन रोजाना 15 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। सरकार केवल विज्ञापनों में सुरक्षित राजस्थान की बात कर रही है, जबकि हकीकत में बहन-बेटियां घर से निकलने में डर रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली

रणजीतपुरा में 4 दिन से महापड़ाव, 4000 लोग न्याय की आस में

रणजीतपुरा में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पिछले 4 दिनों से ग्रामीण और सामाजिक संगठन धरना दे रहे हैं। धरना स्थल पर 4000 से अधिक लोग न्याय की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सुरक्षा नहीं मिलती, वे धरना स्थल पर डटे रहेंगे।
 

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मामले में ताजा अपडेट यह है कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। बीकानेर एसपी और आईजी लगातार घटना स्थल और धरना स्थल का दौरा कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का भरोसा पुलिस से उठ चुका है। धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और रसूखदारों के दबाव में कार्रवाई धीमी है।

आम जनता में भारी आक्रोश

सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। बीकानेर के स्थानीय बाजारों में भी इस घटना के विरोध में आंशिक बंद देखा गया। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों को नहीं पकड़ा गया, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में फैलाया जाएगा।